12:29 am Saturday , 1 March 2025
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महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

उघैती (बदायूँ)महाशिवरात्रि पर शिव भक्तों ने अपने आराध्य देव शिव को आस्था के जल से सराबोर कर दिया। बेलपत्र, फूल, भांग धतूरा, दूध, चंदन आदि से थाल सजाकर शिव को पूजने पहुंचे। रात 12 बजे के बाद मंदिर और शिवालयों का कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। कहीं शिव पुराण की ऋचाओं की गूंज से वातावरण पवित्र हो रहा था तो कहीं हर-हर महादेव के जयघोष हो रहा था। देर शाम तक रुद्राभिषेक चलता रहा।फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर भगवान शिव की उपासना के इस महापर्व पर बुधवार को क्षेत्र के शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महादेव को जलाभिषेक कर उनकी आराधना की। महाशिवरात्रि पर जगह-जगह मेले लगे थे। खासकर सिद्ध बारोलिया, रियोनाई, में भक्तों की खासी भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस के कड़े प्रबंध किए गए थे। सिद्ध बारोलिया और रियोंनाई के शिव मंदिरों के परिसर में लगे मेले में भारी भीड़ देखी गई। सिद्ध बारोलिया मन्दिर परिसर में एसओ उघैती कमलेश कुमार मिश्रा सुबह से पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।मेले में बच्चों के खेल खिलोने से लेकर चरख ,मौत का कुआँ, आकर्षण का केंद्र रहे
।महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है शिवभक्त साल भर अपने आराध्य भोले भंडारी की विशेष आराधना के लिए इस दिन प्रतीक्षा करते हैं इस दिन शिवालयों में शिवलिंग पर जल दूध और बेलपत्र चढ़ाकर भक्त शिवशंकर को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं ।मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन जो भी भक्त सच्चे मन से शिवलिंग का अभिषेक या शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाते हैं उन्हें महादेव की विशेष कृपा मिलती है ।कहते हैं कि शिव इतने भोले हैं कि अगर कोई अनायास भी शिवलिंग की पूजा कर दे तो भी उसे शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त हो जाती है यही कारण है कि भगवान शिव शंकर को भोलेनाथ कहा गया है ।
आपको बता दें कि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को शिवरात्रि कहा जाता हैं। लेकिन फागुन मास की चतुर्दशी के दिन आने वाले शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहते हैं। साल में होने वाले 12 शिवरात्रियो में से महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को पढ़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहते हैं ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह हर साल फरवरी या मार्च महीने में आती है इस बार शिवरात्रि 26फरवरी को पड़ी है यहां भक्तों की भारी भीड़ शिवालयों पर देखने को मिली इधर प्रशासन की भी व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त देखी गई।
व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त देखी गई।
राजीव सक्सेना